pm suryaghar देश में बिजली के बढ़ते बिल और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन चुकी है। सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना 2026 के तहत सरकार 3 किलोवाट तक के सिस्टम पर अधिकतम 78,000 रुपये की सीधी सब्सिडी दे रही है। इससे घर की छत पर सोलर पैनल लगवाना सस्ता और आसान हो गया है। लाखों परिवार पहले ही इस योजना का फायदा उठा चुके हैं और अब 2026 में लक्ष्य 1 करोड़ घरों तक पहुंचाने का है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना क्या है? pm suryaghar
यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जो आवासीय छतों पर ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम को बढ़ावा देती है। सोलर पैनल लगाने पर सरकार सब्सिडी देती है, जिससे शुरुआती लागत घट जाती है। बनी हुई बिजली घर के इस्तेमाल के बाद बची हुई को ग्रिड में बेचकर बिल में क्रेडिट भी मिलता है। योजना का मुख्य लक्ष्य 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना और देश को स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाना है।
सब्सिडी की राशि और संरचना (2026 अपडेट)
सरकार क्षमता के आधार पर सीधे बैंक खाते में CFA (Central Financial Assistance) ट्रांसफर करती है:
- 1-2 किलोवाट: ₹30,000 प्रति किलोवाट → अधिकतम ₹60,000
- अतिरिक्त 1 किलोवाट (कुल 3 kW तक): ₹18,000 प्रति किलोवाट
- अधिकतम सब्सिडी: ₹78,000 (3 kW सिस्टम के लिए)
यह सब्सिडी कुल लागत का 30-40% तक कवर कर लेती है। 3 kW से ज्यादा सिस्टम पर भी लाभ उपलब्ध है लेकिन ऊपरी सीमा ₹78,000 ही रहती है। सब्सिडी इंस्टॉलेशन और वेरिफिकेशन के बाद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से आती है।
योजना के प्रमुख फायदे
- हर महीने बिजली बिल में 80-100% तक बचत (300 यूनिट तक मुफ्त बिजली)
- 20-25 साल की लंबी वारंटी और कम रखरखाव
- नेट मीटरिंग से अतिरिक्त बिजली बेचने का मौका
- पर्यावरण संरक्षण: कार्बन उत्सर्जन में कमी
- बिजली कटौती से मुक्ति, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में
- लंबे समय में निवेश पर अच्छा रिटर्न
कौन पात्र है? (Eligibility Criteria)
- भारत का नागरिक और वयस्क होना चाहिए
- घरेलू बिजली कनेक्शन आपके नाम पर हो
- छत पक्की और सोलर पैनल लगाने लायक खाली जगह हो
- पहले किसी अन्य सोलर सब्सिडी का लाभ न लिया हो
- शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के घर योग्य हैं
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड (या कोई सरकारी फोटो आईडी)
- नवीनतम बिजली बिल / कंज्यूमर नंबर
- बैंक खाता विवरण (IFSC कोड सहित)
- मोबाइल नंबर और ईमेल
- छत/संपत्ति का प्रमाण (आवश्यकता अनुसार)
- पासपोर्ट साइज फोटो
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: https://pmsuryaghar.gov.in/
- राज्य और अपनी डिस्कॉम (बिजली कंपनी) चुनें
- बिजली कंज्यूमर नंबर, मोबाइल और ईमेल डालकर रजिस्ट्रेशन करें
- व्यक्तिगत विवरण और छत की जानकारी भरें
- MNRE-अप्रूvd / डिस्कॉम-एम्पैनल्ड वेंडर चुनें
- सिस्टम क्षमता (1-3 kW आमतौर पर) चुनें और फॉर्म सबमिट करें
- डिस्कॉम द्वारा साइट सर्वे और तकनीकी वेरिफिकेशन
- स्वीकृति के बाद प्रमाणित वेंडर से इंस्टॉलेशन करवाएं
- नेट मीटर लगने और कमीशनिंग के बाद सब्सिडी अपने बैंक में आएगी (आमतौर पर 30-60 दिनों में)
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है। ट्रैकिंग भी पोर्टल पर उपलब्ध रहती है।
डिस्कॉम और वेंडर की भूमिका
डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनी) तकनीकी जांच, नेट मीटरिंग और ग्रिड कनेक्शन की जिम्मेदारी लेती है। केवल BIS प्रमाणित पैनल, इन्वर्टर और MNRE-अप्रूvd वेंडर से ही काम करवाएं ताकि गुणवत्ता और वारंटी बनी रहे।
कितनी बचत और ROI?
3 kW सिस्टम की औसत लागत (सब्सिडी से पहले) ₹1.5-2 लाख के आसपास होती है। सब्सिडी कटने के बाद आपका खर्च ₹80,000-1.2 लाख रह जाता है। औसतन 4-6 साल में निवेश वसूल हो जाता है। उसके बाद 15-20 साल तक लगभग मुफ्त बिजली।
पर्यावरण और आत्मनिर्भरता
यह योजना सिर्फ बिल बचाने तक सीमित नहीं—यह स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देती है, कोयले पर निर्भरता कम करती है और जलवायु लक्ष्यों में योगदान देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- क्या 3 kW से ज्यादा सिस्टम पर सब्सिडी मिलेगी? हां, लेकिन अधिकतम ₹78,000 ही।
- सब्सिडी कितने समय में आती है? इंस्टॉलेशन और वेरिफिकेशन के बाद 1-2 महीने में।
- क्या किराए के घर पर लागू है? नहीं, मालिकाना हक वाले घर पर ही।
- 2026 में योजना जारी रहेगी? हां, चरण-2 31 मार्च 2026 तक चालू है और आगे बढ़ने की संभावना है।
नोट: योजना की शर्तें, सब्सिडी राशि और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in या अपने स्थानीय डिस्कॉम से पुष्टि करें। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार किया गया है—किसी भी निवेश या निर्णय से पहले विशेषज्ञ/सरकारी सलाह लें।






